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महापौर रहते की थी समाज की उपेक्षा, जयसिंह ने चुटकी में कराया काम
कोरबा : लोकप्रियता के मामले में जयसिंह अग्रवाल का कद काफी ऊंचा है। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका विपक्षी जिस समाज से हैं, उसी समाज के अध्यक्ष कोरबा विधायक और राजस्व मंत्री जयसिंह की कार्यशैली के कायल हैं। उन्होंने महापौर और विधायक रहते अपनी समाज की उपेक्षा किए जाने का आरोप लखन देवांगन पर लगाए हैं।
देवांगन समाज के अध्यक्ष लक्ष्मी देवांगन का कहना है कि बीजेपी के टिकट पर कोरबा विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले लखनलाल के पास बताने के लिए कुछ है ही नहीं। उन्होंने समाज का एक काम नहीं किया, पूरे कोरबा का विकास तो बहुत दूर की बात है। जब वह महापौर हुआ करते थे। तब हम समाज के लोग सामाजिक भवन और जमीन के लिए उनके पास गए थे। उन्होंने हमारी उपेक्षा की, हमारा कोई काम नहीं किया, महापौर रहते समाज के विकास के लिए कोई पहल तक नहीं की गई। जब वह विधायक बने बीजेपी की सरकार थी। तब भी हम लखन के पास गए। तब उन्होंने उल्टे हमसे यह सवाल कर दिया कि समाज ने मेरे लिए क्या किया है? जो मैं समाज के लिए कुछ करूं! समाज से वे हमेशा दूरी बनाकर ही रखे। जो व्यक्ति अपने घर और समाज का भला नहीं कर सका, वह आम लोगों का क्या भला करेगा और क्या विकास करेगा। इस बात को लोगों को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए। नेता ऐसा होना चाहिए जो काम करवाने की क्षमता रखता हो।
प्रदेश में बीजेपी की सरकार 15 साल रही इसमें 5 साल तक लखन लाल महापौर रहे, फिर विधायक भी बने। मुझे याद है कि हम उनके पास विधायक बनते ही समाज के भवन के लिए सहयोग लेने भी गए थे। तब भी उन्होंने हमारी उपेक्षा की और कहा कि अभी तो विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं, कुछ नहीं कर पाऊंगा, जबकि हमने बहुत बड़ी मांग भी नहीं की थी।
जयसिंह अग्रवाल ने तत्काल कराया काम, जमीन दिया और भवन के लिए 25 लाख स्वीकृत किये
लक्ष्मी देवांगन का कहना है कि देवांगन समाज का किसी ने सच में उद्धार किया है,उनके हितों का ध्यान रखा है, तो वह हमारे अपने विधायक और प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल हैं। सही मायनो में वह एक जननेता हैं। बीजेपी की सरकार गई और कांग्रेस की सरकार बनी, विपक्ष में विधायक रहने के बाद जयसिंह भाई मंत्री बने, तब हम उनके पास गए और समाज के भवन और जमीन की मांग रखी। जयसिंह ने तत्काल हमारी मांग को गंभीरता से लिया। जमीन चिन्हाकित करवाया और भवन के लिए भी 20 लाख रुपए स्वीकृत कराए। इस काम के लिए 5 बार लखनलाल के चक्कर लगाए, लेकिन काम नहीं हुआ, जबकि जयसिंह ने तत्काल इस काम को करवाया। जमीन का चिनांकन हो गया, भवन का निर्माण भी अब पूर्णता की ओर है। कुछ पैसे कम पड़ रहे थे, तो हम दोबारा जयसिंह के पास गए। उन्होंने फंड को बढ़ाकर 25 लाख किया। स्वत: संज्ञान लेकर अलग-अलग तरह से मद से फंड की व्यवस्था भी कराई, ताकि समाज के भवन और सामाजिक तौर पर जो विकास कार्य किया जा रहे हैं, उसमें कोई कमी ना आए। सामुदायिक विकास के लिए यदि सही मायनों में कोरबा में किसी ने काम किया है।
तो वह जयसिंह अग्रवाल हैं। ना सिर्फ देवांगन समाज बल्कि सभी समाजों के विकास का काम उन्होंने किया है। कोरबा की जनता को यह समझना चाहिए, उनके नामांकन रैली में भी हम शामिल हुए और हमारे समाज से जयसिंह के संबंध बेहद प्रगाढ़ हो चुके हैं। सिर्फ हमारा समाज ही नहीं, कोरबा के सभी समाज के लोग जयसिंह अग्रवाल को बेहद पसंद करते हैं। कोरबा की जनता उन्हें अपना मान चुकी है, और वह जनता के बीच एक बेहद लोकप्रिय छवि के साथ लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
