views
कोरबा। टीपी नगर स्थित मदरसा दारुल उलूम रिजविया में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण एवं देशभक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर में तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें देशभक्ति के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुन्नी मुस्लिम जमात, कोरबा के सदर हाजी अखलाक खान अशरफी ने ध्वजारोहण किया।
मदरसे के बच्चों ने राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया तथा अंग्रेजी भाषा में लोगों को संबोधित कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि मदरसा दारुल उलूम रिजविया में बच्चों को दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी शिक्षा भी दी जा रही है, ताकि वे भविष्य में हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। इस दौरान लोगों को बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया।
परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मदरसे के विद्यार्थियों अदनान रजा, दिलखुश, आदिल रजा, शहीद रजा, हामिद रजा एवं मोहम्मद ताजुद्दीन को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हाजी अखलाक खान अशरफी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने देश, प्रदेश और जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह दिन हमारे लिए बेहद खास है। इसी दिन देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली थी। आजादी की लड़ाई में हर समाज, धर्म और वर्ग के लोगों ने योगदान दिया, तब जाकर देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि आजादी के इस इतिहास को हम कभी नहीं भूल सकते। देश की एकता, भाईचारा और आपसी सौहार्द हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब देश की खूबसूरत विरासत है और इसे हमेशा कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में कोरबा प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के मुख से निकले देशभक्ति और भाईचारे के संदेश में विशेष मिठास होती है। उन्होंने कहा कि “मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम, वतन है हिंदुस्तान हमारा” जैसे संदेश देश की एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कोरबा की गंगा-जमुनी तहजीब का उल्लेख करते हुए कहा कि वे उस समय के भी साक्षी रहे हैं, जब उनके मित्र शफीक शेख (पोल्ट्री फार्म) द्वारा यहां ध्वजारोहण की शुरुआत की गई थी। उस समय भी सभी मित्र एक साथ उपस्थित थे और आज भी उसी भाईचारे की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुन्नी मुस्लिम जमात कोरबा के सरफरस्त कारी सैय्यद शब्बीर अहमद अशरफी, मदरसा दारुल उलूम रिजविया के सदर हाजी अब्दुल रज्जाक मेमन, सेक्रेटरी हलीम शेख, जामा मस्जिद की इमाम मौलाना जाकि आलम
,हाफिज निजामुद्दीन , मौलाना सलामुद्दीन , मौलाना अजीजुल हक, मोहम्मद सलमान खान, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद सैफुल आजम, अहमद खान, जुनैद कुरैशी, सुल्तान, मोहम्मद हदीस, अब्दुल कादिर खान, कयामुद्दीन, शफीक शेख सहित शिक्षक विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
