Vijay Dubey (Editor in Chief)
+91-7999704464
Abhishekk Singh Anant (Reporter)
Contact for News & Advertisements
menu
AWESOME! NICE LOVED LOL FUNNY FAIL! OMG! EW!
कोरबा बिग ब्रेक :क्या ये सच है साहब ...चर्चा में BJP की कोर कमेटी,कई वरिष्ठ और इन जमीनी क़ो गुड बाय
संगठन मे सक्ति है तो दिखनी भी चाहिए....

कोरबा। प्रदेश संगठन के निर्देश पर भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी में राजधानी से लेकर ऊर्जाधानी तक बदलाव हुए हैं। यह बदलाव हर जगह चौंकाने वाला नजर आ रहा है जिसमें अनेक वरिष्ठ नेता दरकिनार कर दिए गए हैं।

 

 

कोरबा जिला भाजपा की कोर कमेटी की प्रथम बैठक जिला कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज टीपी नगर में  बैठक में जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, जिला संगठन प्रभारी अनिल केशरवानी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल,प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, महापौर  संजू देवी राजपूत, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह,पूर्व अध्यक्ष मनोज शर्मा, ज्योतिनंद दुबे सहित अन्य सम्मिलित हुए। बैठक में आगामी नगरीय निकाय उपचुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

इस बैठक के बाद नई कोर कमेटी को लेकर भाजपा के गलियारे में अन्य पदाधिकारी व जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर वरिष्ठों को इसमें शामिल क्यों नहीं किया गया? वरिष्ठतम आदिवासी नेता ननकी राम कंवर तो जिला संगठन में लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हो ही रहे हैं, लेकिन बदले प्रादेशिक हालातों में माना जा रहा था कि उन्हें जिले में तवज्जो मिलना शुरू हो जाएगी, किंतु ऐसा हुआ। इस बार भी वे सांगठनिक टीम में नजर नहीं आए। इसी तरह संगठन की मजबूती में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जोगेश लाम्बा, अशोक चावलानी, विकास महतो, रामदयाल उइके,पवन गर्ग आदि वरिष्ठ लोगों को भी दरकिनार कर दिया गया है।

सर्वाधिक चर्चा तो इस बात की है कि रामपुर विधानसभा और पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र को अछूता कर दिया गया। कोरबा और कटघोरा विधानसभा में तो भाजपा काबिज है लेकिन शेष दोनों विधानसभा में भाजपा को अगले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयारी करने की जरूरत है, ऐसा जमीन कार्यकर्ताओं का मानना है। फिर, परिसीमन के कारण आने वाले चुनाव से पहले कोरबा जिले में सम्भवतःदो नई विधानसभा क्षेत्र गठित हो सकती है, जिसमें एक कोरबा ग्रामीण और दूसरा पाली-तानाखार से पृथक हो सकता है। हालांकि जब तक गठन नहीं हो जाता, तब तक कुछ कहना जल्दबाजी होगी लेकिन फिर भी मौजूद चार विधानसभा क्षेत्र में से जिस तरह रामपुर और पाली-तानाखार क्षेत्र के सक्रिय और कद्दावर नेताओं को कोर कमेटी में शामिल नहीं किया गया है उसे लेकर फिलहाल चर्चा का बाजार संगठन के भीतर ही गर्म है। जिस तरह से जिला भाजपा में संगठन की गतिविधियां चल रही है, उसे लेकर अंदर ही अंदर असंतोष व्याप्त है। ऊपरी तौर पर भले ही सब कुछ शांत दिख रहा है लेकिन सतही तौर पर खलबलाहट तो मची हुई है। मौके-मौके पर सोशल मीडिया में यह उजागर होता ही रहा है। कुछ लोगों को खुश करने के चक्कर में बहुत से लोगों को नाराजगी बांटी जा रही है।

इस विषय में उपेक्षित कुछ नेताओं से जब चर्चा की गई तो उन्होंने नई कोर कमेटी के गठन और बैठक में नहीं बुलाने के कारणों तथा संगठन में हुए बदलाव से अनभिज्ञता जताई। दूसरी तरफ कोर कमेटी में वरिष्ठों को शामिल नहीं करने तथा रामपुर और पाली-तानाखार विधानसभा से किसी को शामिल नहीं करने के विषय में जिला संगठन का पक्ष नहीं आ सका है, क्योंकि जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी से सत्यसंवाद की संवादहीनता लगातार बनी हुई है। वह फोन करने पर जवाब नहीं देते, कॉल रिसीव नहीं होता, उनके जनसंपर्क विभाग से भी किसी तरह की प्रतिक्रिया अपेक्षित नहीं रहती।

YOUR REACTION?

Contact us for Website, Software & Android App development : Click Here