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छत्तीसगढ़ BJP के उम्रदराज विधायकों का क्या होगा:साय कैबिनेट में चला अंडर-70 फॉर्मूला; दावेदार थे, फिर भी नहीं मिला मंत्री पद
छत्तीसगढ़ की साय कैबिनेट में अंडर 70 का फॉर्मूला चला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में किसी भी नेता की उम्र 70+ नहीं है। कैबिनेट में सबसे ज्यादा उम्र के मंत्री दयालदास बघेल हैं। इनकी उम्र 69 साल है। जबकि सीएम साय 59 साल के हैं। कैबिनेट में सबसे कम उम्र की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े है, जिनकी उम्र 31 साल है। अब इस रिपोर्ट में समझिए कि 70+ नेताओं का क्या होगा।
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सीएम, डिप्टी सीएम और कैबिनेट मंत्रियों की उम्र |
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मुख्यमंत्री/मंत्री |
जन्मदिन |
उम्र |
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विष्णुदेव साय |
21 फरवरी 1964 |
59 साल |
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अरुण साव |
25 नवंबर 1968 |
55 साल |
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विजय शर्मा |
12 जुलाई 1973 |
50 साल |
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बृजमोहन अग्रवाल |
01 मई 1959 |
64 साल |
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केदार कश्यप |
05 नवंबर 1974 |
49 साल |
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रामविचार नेताम |
01 मार्च 1961 |
62 साल |
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दयालदास बघेल |
01 जुलाई 1954 |
69 साल |
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टंकराम वर्मा |
16 जून 1962 |
61 साल |
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ओपी चौधरी |
02 जून 1981 |
42 साल |
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लखनलाल देवांगन |
12 अप्रैल 1962 |
61 साल |
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श्याम बिहारी जायसवाल |
01 अक्टूबर 1976 |
47 साल |
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लक्ष्मी राजवाड़े |
10 नवंबर 1992 |
31 साल |
71 साल के रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष बनें
तीन बार के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष चुने गए हैं। वे मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल थे, लेकिन विष्णुदेव साय के सीएम बनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष के लिए रमन सिंह का नाम तय कर दिया गया। 15 अक्टूबर 1952 में जन्में रमन सिंह 71 साल के हैं।
रमन सिंह को सीएम नहीं बनाने के एक वजह अंडर 70 का फॉर्मूला भी हो सकता है। हांलाकि तीन बार के मुख्यमंत्री को नजरअंदाज केन्द्रीय नेतृत्व के लिए भी मुश्किल था और यही वजह रही कि रमन सिंह को विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक पद दिया गया है।ये फैसला बीजेपी हाईकमान ने लोकसभा चुनाव के मैनेजमेंट को नजर में रखते भी लिया है।
