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सोशल मीडिया पर दोस्ती, प्यार और भागकर शादी:छत्तीसगढ़ के IT अफसर की दिलचस्प लव स्टोरी; कोर्ट ले गई पुलिस तो वहीं पहना दिया मंगलसूत्र
मंगलवार को रायगढ़ के कोर्ट में आयकर अधिकारी की दिलचस्प लव स्टोरी देखने को मिली। IT अफसर राकेश कुमार अरोड़ा ने बताया कि, वह और उसकी गर्लफ्रेंड अलग-अलग जाति के हैं, जिसके चलते दोनों के ही परिवार वाले शादी को राजी नहीं थे। प्यार के बीच जाति दीवार बनकर खड़ी रही तो दोनों भागने को मजबूर हो गए। परिजन की शिकायत पर पुलिस ने दोनों को पकड़ भी लिया। जब पुलिस ने दोनों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया तो कोर्ट परिसर में ही दोनों ने शादी कर ली।
ये प्रेम-प्रसंग का पूरा मामला रायगढ़ के खरसिया का है। दरअसल, रायपुर के आयकर विभाग में पदस्थ अधिकारी राकेश कुमार अरोड़ा और खरसिया की रहने वाली अंकिता मित्तल की दोस्ती सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। पिछले 5 साल से एक दूसरे को डेट कर रहे थे, लेकिन जब शादी करने का समय आया तो इंटर कास्ट की वजह से परिवार वाले शादी कराने को तैयार नहीं हुए।

दूल्हे ने कहा- सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती
कोर्ट परिसर में शादी के बाद आयकर अधिकारी राकेश कुमार अरोरा ने बताया कि हम दोनों की सोशल मीडिया के जरिए मिले थे।धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और जान पहचान हुई। समय बीतते गया और यह जान पहचान प्यार में बदल गई। इसके बाद हम दोनों ने शादी करने का फैसला किया और मैंने लड़की को उसके घर से भगा लिया।

पुलिस ने प्रेमी जोड़े को कोर्ट में पेश किया
पुसौर पुलिस ने बताया कि लड़की घर से अचानक गायब हो गई थी। परिवार के लोगों ने थाने में शिकायत की थी। इस पर पुलिस प्रेमी जोड़े को पुसौर से पकड़कर ले आई थी। दोनों को रायगढ़ तहसील न्यायालय में पेश किया गया। पेशी में प्रेमी और प्रेमिका दोनों ने आपस में प्रेम संबंध होने और एक दूसरे से शादी करने की बात कही।

तहसील न्यायालय परिसर में दोनों ने की शादी
नायब तहसीलदार तृप्ति चंद्राकर ने बताया कि दोनों ने अपने बयान में शादी के लिए स्वतंत्र होने की बात कही है। इसके बाद तहसील न्यायालय से बाहर निकलते ही आम जनों की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई, युवक ने युवती को मंगल सूत्र पहनाया फिर उसके मांग में सिंदूर भर कर विवाह की रस्म पूरी की।
मैंने अपनी मर्जी से शादी की है- अंकिता
दुल्हन अंकिता मित्तल ने बताया कि वह बालिग है और अपनी इच्छा से राकेश कुमार अरोरा से शादी करने के लिए अपने घर से भागी है। घर वाले नहीं मान रहे थे, जिसके बाद राकेश रायपुर से आए और घर से उसे ले आए। वह अपनी मर्जी से राकेश के साथ आई है।
